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पंचपरगनिया भाषा परिवार | पंचपरगनिया किस भाषा परिवार की भाषा है?

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परिचय

पंचपरगनिया भाषा परिवार: पंचपरगनिया झारखंड केर एक परमुख छेतरिअ भासा हेके। इ भासा मुइख रूपे पाँच परगना छेतर’ आर एकर आसे-पासे केर इलाका मेंहेन कहल जाएला। आपन लोकसंस्कृति, लोकगीत, रिति-रिबाज, संसकार आर भासागत बिसेसता केर कार’ने पंचपरगनिया झारखंड केर नामकरा भासा मानल जाएला।

भासाबिदुआन केर मत अनुजाइ पंचपरगनिया भासा टा मागधी अपभ्रंश ले बिकसित मानल जाएला। इ भासा भारतीय आर्य भाषा परिवार संग जुड़ल आहे आर झारखंड केर नागपुरी, खोरठा आर कुरमाली जेसन भासा गिलाक संग एकर गहिरा संबंध देखल जाएला।


भाषा परिवार क्या है?

पंचपरगनिया भाषा परिवार: भासा बइगानिक सउब भिनु-भिनु भासा गिलाके समानता केर आधारे भिनु-भिनु भासाइक तत् ले जुकत’ भासा के एक बरग’ चाहे एक गठ मेंहेन राखेक चेस्टा कइर आहएँ। एहे समानता केर आधारे भिनु-भिनु भासा गिला भिनु-भिनु बरग’ चाहे गठ मेंहेन बाँटेक टाके भासा केर परिबारिक बरगिकरन कहल जाएला।

सरल भाभे कहल जाए त’ जन भासा गिलाक धउनि, सब्द’, रचना, बेआकारन आर अरथ’ मेंहेन समानता पाउआएला, उगला के एके भासा परिवार मेंहेन राखल जाएला।

भासाबिदुआन केर अनुजाइ इ रकम केर बाँटा (बरगिकरन) करले कन’ भी भासा केर बारे पुस्ट’ आर सुछ्म’ गेआन हएला। इआनि उ भासा टाके बुझेक मेंहेन आसानि हएला।


भाषा परिवार वर्गीकरण का आधार

पंचपरगनिया भाषा परिवार: भासा मेंहेन पाउआइआ रचना तत्, धउनि तत्, संबंध तत् आर अरथ’ तत् केर आधार मेंहेन करल बाँटा (बरगिकरन) के परिबारिक बरगिकरन कहल जाएला।

इ रकम भासा केर परिबारिक बरगिकरन मेंहेन खास रूपे हेंठे लिखल तत् गिलाक उपर धेआन देल जाएला –

  • धउनि समानता
  • सब्द’ संरचना
  • बेआकारनिक समानता
  • अरथ’ संबंध
  • बाइक रचना
  • एतिहासिक विकास

जेसन एकटा परिबार केर इतिहास मेंहेन आदि पुरूस रहेला आर फेइर बंस’ बाढ़ेला, सेइ रकमे भासाविद् इ बात माइन आहएँ कि आइज संसार मेंहेन ज’तनाइ भासा आहे उगलाक कन’ न’ कन’ आदि भासा रइ ह’इ।


पंचपरगनिया भाषा का भाषा परिवार

पंचपरगनिया भाषा परिवार: भासा परिबारिक नज’इरे पंचपरगनिया कन’ छेतर’ बिसेस केर भासा बुझाएला। पंचपरगनिया भासा टा मागधी अपभ्रंश ले बिकसित मानल जाएला जेटाक स’झा संबंध भारोपीय भाषा परिवार केर भारत-इरानी शाखा अंतर्गत भारतीय आर्य उपशाखा संग आहे।

इ रकम पंचपरगनिया भारतीय आर्य भाषा परिवार केर भासा हेके।


पंचपरगनिया भाषा परिवार का संक्षिप्त वर्गीकरण

स्तरवर्ग
भासा परिवारभारोपीय (Indo-European)
साखाभारत-इरानी
उपसाखाभारतीय आर्य
विकास स्रोतमागधी अपभ्रंश
भासा परकारछेतरिअ संपरक’ भासा

पंचपरगनिया के आर्य भाषा परिवार से संबंध के भाषागत प्रमाण

पंचपरगनिया भाषा परिवार: पंचपरगनिया भासा मेंहेन धउनि, सब्द’-संरचना, बेआकरन, बाइक रचना आर एतिहासिक विकास केर एसन ढेइर तत् पाउआएला जे एके भारतीय आर्य भासा परिवार संग ज’ड़ेला। इ संबंध के नीचे लिखल निमुद गिलाक माइधम ले बुझल जाए पाराय ।


1. ध्वनि समानता (Phonetic Similarity)

पंचपरगनिया मेंहेन पाउआइआ ढेइर धउनि मागधी, हिंदी, भोजपुरी, मगही आर नागपुरी जेसन आर्य भासा गिलाक संग समानता रखेला।

संस्कृत/मागधीपंचपरगनियाहिंदी
अग्निआइगआग
दन्तदाँतदाँत
दुग्धदुधदूध
मातृमां /मांए /गउमाँ

इ निमुद गिला ले फरिच हएला कि पंचपरगनिया केर धउनि परिवरतन आर्य भासा गिलाक जेसन आहे।


2. शब्द संरचना (Word Structure)

पंचपरगनिया केर ढेइर सब्द’ आर्य भासा गिलाक मुल सब्द’ ले बनल आहे।

पंचपरगनियाहिंदी/मगहीअर्थ
पानीपानीजल
घरघरमकान
मां /मांए/गउमाँजननी
भातभातचावल

मुल सब्द’-संपदा मेंहेन समानता आर्य भासा परिवार केर नामकरा चिन्हा मानल जाएला।


3. व्याकरणिक समानता (Grammatical Similarity)

पंचपरगनिया मेंहेन करता-करम’-किरिआ (कर्ता-कर्म-क्रिया) (SOV) वाक्य क्रम पाउआएला जेटा बेसि अँसे आर्य भासा गिलाक बिसेसता हेके।

भाषाउदाहरण
पंचपरगनियामएँ भात खालं ।
हिंदीमैंने भात खाया।
मगहीहम भात खइली।

तीनों मेंहेन “कर्ता + कर्म + क्रिया” क्रम समान आहे।


4. अर्थ संबंध (Semantic Similarity)

ढेइर सब्द’ केर अरथ’ आर्य भासा गिलाक संग एके रकम पाउआएला।

पंचपरगनियाहिंदीअर्थ
बहिनबहनSister
बाजि /बुढ़ा बा /दादुदादाGrandfather
बेटाबेटाSon
गाइगायCow

सब्द’ अरथ’ समानता भासा संबंध फरिच करेक नमकरा (महत्वपूर्ण) आधार हेके।


5. वाक्य रचना (Sentence Structure)

पंचपरगनिया बाइक संरचना हिंदी, मगही, भोजपुरी आर नागपुरी जेसन आर्य भासा गिलाक संग मिलेला।

पंचपरगनियाहिंदी
उ बजार गेलक।वह बाजार गया।
मएँ किताब पढ़’तहं।मैं किताब पढ़ता हूँ।
तएँ काहे नि आले ?तुम क्यों नहीं आए?

किरिआक बेब’हार आर बाइकेक करम आर्य भासाक संरचना संग मेल खाएला।

6. ऐतिहासिक विकास (Historical Development)

पंचपरगनिया भाषा परिवार: भासाबिदुआन केर मत अनुजाइ पंचपरगनिया मागधी अपभ्रंश ले बिकसित भासा हेके। मागधी अपभ्रंश ले मगही, भोजपुरी, मैथिली, नागपुरी आर अइन’ आर्य भासा गिलाक बिकास हल मानल जाएला।

इ कार’ने पंचपरगनिया के भारतीय आर्य भासा परिवार केर भासा मानल जाएला।


7. सर्वनाम समानता

पंचपरगनियाहिंदीमगही
मएँमैंहम
तएँतुमतूँ
वह

सरब’नाम संरचना आर्य भासा गिलाक पासे देखल जाय पाराए


8. संख्या शब्द समानता

पंचपरगनियाहिंदी
एकएक
दुइदो
तिनतीन
चाइरचार

सइंखा प्रणाली मेंहनउ समानता आर्य भासा संग संबंध मजबूत करेला।


पंचपरगनिया भाषा की उत्पत्ति

पंचपरगनिया भाषा परिवार: भासाबिदुआन केर मत अनुजाइ पंचपरगनिया भासा केर जनम झारखंड आर एकर आसे-पासे बस’बास कर’इआ भिनु-भिनु जातिगत आर बाहरि भासा गिलाक आपसी समपरक’ ले ह’ए आहे।

बिसेस रूपे मागधी अपभ्रंश केर प्रभाव इ भासा मेंहेन बेसि देखल जाएला। एकर संगे-संगे बंगला, नागपुरी, खोरठा, कुरमाली आर किछु आदिवासी भासा गिलाक परभाउ पंचपरगनिया मेंहेन पाउआएला।

एहे कार’ने पंचपरगनिया के एकटा संपर्क भासा (Contact Language) मानल जाएला।


डॉ. बी. पी. केसरी जी का मत

पंचपरगनिया भाषा परिवार: इटाक संबंध मेंहेन डाॅ. बी. पी. केसरी जि केर मत इ रकम आहे –

“झारखंड क्षेत्र में तीन प्रजातीय वर्गों की अनुरूप तीन परिवार की भाषाएँ भी प्रचलित है। अग्नेय परिवार की भाषाएँ – मुण्डारी, हो, संताल, खड़िया आदि है। द्रविड़ परिवार की भाषाएँ – कुड़ूख, माल्तो, खेन्द्रोय, किसानी आदि और आर्य भाषा परिवार की भाषाएँ नागपुरी, कुरमाली, खोरठा, पंचपरगनिया आदि।”

इ मत ले स्पष्ट हएला कि पंचपरगनिया के आर्य भाषा परिवार मेंहेन राखल गेल आहे।


अन्य भाषावैज्ञानिक स्रोत

पंचपरगनिया भाषा परिवार: राँची ले छापाल दैनिक “आज” केर एकटा अंक मेंहेन लिखल आहे –

“जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग में नौ सांस्कृतिक इकाई कार्यरत है। चार इकाइयाँ आर्य भाषा (नागपुरी, कुरमाली, खोरठा, पंचपरगनिया), चार इकाइयाँ आग्नेय भाषा (मुण्डारी, संताली, हो, खड़िया) तथा एक इकाई द्रविड़ (कुड़ूख) की है।”

इ स्रोत लेउ पंचपरगनिया केर आर्य भाषा परिवार संग संबंध स्पष्ट हएला।


राधागोविन्द महतो जी का मत

पंचपरगनिया भाषा परिवार: राधागोविन्द Mahato जि क’इ आहएँ –

“जिस प्रकार कोलभील, साँउताल, मुण्डा, हो एक भाषा गोष्ठी (आग्नेय परिवार) की है, उसी प्रकार कुड़माली, खोरठा, नागपुरिया, पंचपरगनिया, सदानी, छत्तीसगढ़ी, बुन्देलखण्डी आदि भू-मध्य सागरीय भाषाएँ एक ही भाषा गोष्ठी (आर्य) के हैं।”

इ मत पंचपरगनिया केर आर्य भाषा परिवार संग जुड़ाव के आउर मजबूत करेला।


पंचपरगनिया भाषा की प्रमुख विशेषताएँ

1. संपर्क भाषा

इ भासा भिनु-भिनु जातिगत भासा गिलाक समपरक’ ले बिकसित हए आहे।

2. मागधी अपभ्रंश का प्रभाव

एकर शब्द-संपदा आर बेआकारन मेंहेन मागधी अपभ्रंश केर परभाव’ देखल जाएला।

3. मिश्रित भाषागत स्वरूप

पंचपरगनिया मेंहेन बंगला, नागपुरी, खोरठा, कुरमाली आर आदिवासी भासा गिलाक मिसरित लसिंद पाउआएला।

4. समृद्ध लोकसंस्कृति

इ भासाएं लोकगीत, लोककथा, जानकहनि (पहेली), लोकोक्ति आर लोकनिरित एमाइन संग गाढ़’ रूपे जुड़ल आहे।

5. लिपि विविधता

पंचपरगनिया के देवनागरी, बंगला, काइथी आर झाड़ लिपि मेंहेन लिखल जाएला।


पंचपरगनिया भाषा का सांस्कृतिक महत्व

पंचपरगनिया भाषा परिवार: पंचपरगनिया केवल भासा ना लागे, बल्कि पाँच परगना छेतर’ केर संसकिरिति, लोकपरंपरा, लोकगीत, संसकार आर सामाजिक जीवन केर परिचायक हेके।

सरहुल, करम, टुसू, सोहराइ जेसन लोकपरब गिलाक गीत मेंहेन पंचपरगनिया केर मधुर रूप देखल जाएला।

इ भासा लोकजीवन केर भावना, हास-परिहास, दुख-सुख आर सामाजिक संबंध के सहज रूपे अभिव्यक्त करेला।


वर्तमान समय में पंचपरगनिया भाषा

पंचपरगनिया भाषा परिवार: एखन पंचपरगनिया भासा केर पठन-पाठन झारखंड केर इसकुल, कॉलेज आर विश्वविद्यालय स्तर तक ह’तेहे।

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC), JSSC आर अइन’ परतिजगिता परीक्षा गिलामेंहेनउ इ भासा के उचित जायगा मिल आहे।

ऑनलाइन माध्यम, वेबसाइट, सोशल मीडिया आर YouTube केर माध्यम लेउ पंचपरगनिया तेजी ले आगे बढ़’तेहे।


सारांश

पंचपरगनिया भाषा परिवार: उपरेक बिबेचन केर आधारे फरिच हएला कि पंचपरगनिया भासा भारतीय आर्य भासा परिवार केर एकटा नामकरा (महत्वपूर्ण) छेतरिअ भासा हेके। ध्वनि, शब्द-संपदा, व्याकरण, वाक्य रचना, सर्वनाम, संख्या प्रणाली आर ऐतिहासिक विकास केर आधारे पंचपरगनिया के भारतीय आर्य भाषा परिवार केर भासा मानल जाएला।

हालांकि इ भासा मेंहेन किछु आदिवासी आर पड़ोसी भासा गिलाक परभाव’ देखल जाएला, किंतु एकर मूल संरचना आर्य भाषागत स्वरूपे आधारित आहे। आइज पंचपरगनिया केवल लोकभासा ना लागे, बल्कि अध्ययन, शोध, साहित्य आर डिजिटल माध्यम मेंहेनउ आपन मजबूत पहचान बनाए चुइक आहे।



FAQ

पंचपरगनिया किस भाषा परिवार की भाषा है?

पंचपरगनिया भारतीय आर्य भाषा परिवार की भाषा मानी जाती है।

पंचपरगनिया भाषा की उत्पत्ति कहाँ से हुई?

भासाविदों के अनुसार इसका विकास मागधी अपभ्रंश ले हय आहे।

क्या पंचपरगनिया झारखंड की क्षेत्रीय भाषा है?

हं, पंचपरगनिया झारखंड केर परमुख छेतरिय भासा मेहेन एक हेके।

पंचपरगनिया किस लिपि में लिखी जाती है?

देवनागरी, बंगला, काइथी आर झाड़ लिपि मेंहेन ।

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