पंचपरगनिया और कुड़मालि भाषा का परिचय
पंचपरगनिया आर कुड़मालि भासा मेंहेन अंतर: पंचपरगनिया आर कुड़मालि/कुरमाली दुइअ झारखंड केर नामक’रा छेतरिअ भासा हेके । हालांकि कुड़मालि एकटा जातिगत भासा हेके, आर झारखंड मेंहेन ज’तनाइ जातिगत भासा आहे उग्ला जनजातिअ भासाक भितरे राखल जाए आहे, किंतु कुड़मालि/कुरमाली भासा के एखन तक छेतरिअ भासाक भितरेइ राइख कहन पठन-पाठन झारखंड केर ढेइर-ढेइर इसकुल कालेज मेंहेन ह’तेहे ।
पंचपरगनिया झारखंड केर एकटा नामकरा भासा हेके जेटा छेतर’ बिसेस एआनि पाँच परगना (जाहाँ तक केर संसकिरति, भेस-भुसा, संसकार, एमाइन एक आहे) केर भासा हेके, आर एकर जनम केर संबंध झारखंड राइज आर एकर आसे-पासे बस’-बास कर’इआ भिनु-भिनु जाइत केर जातिअ भासा आर बाहिर ले आल भासा ले आहे । हुआँइ कुड़मालि एकटा जातिगत भासा हेके आर एकर जनम केर स’झा संबंध कुड़मि जाइत ले आहे, जे आजादि ले पहिल आदिबासिक सेरनि मेंहेन सुचिबध र’हे ।
सेछ’निक नज’इरे इ दुइअ भासाक पढ़ाइ लिखाइ झारखंड केर ढेइर-ढेइर इसकुल कालेजे पिछला 40 साल ले ह’तके आए आहे । दुइअ भासाक पठन-पाठन उंच’ कालास ले सुरू ह’ए आहे आर इसकुल अस्तरे झारखंड बनल बाद ले सुरू ह’ए आहे । झारखंड बनल बादे सरकारी तंतर’ मेंहेन इ दुइअ भासाक पकड़ बाढ़लक आर ‘‘झारखंड लोक सेवा आयोग’’ आर राइज केर अइन’ सेउआ मेंहेन भरति ह’एक तेहें भिनु-भिनु परतिज’गिता परिछाएँ इ दुइअ भासा के उचित जाएगा मिल आहे ।
पंचपरगनिया आर कुड़मालि भासा मेंहेन अंतर (तफाइत)
| आधार | पंचपरगनिया | कुड़मालि |
|---|---|---|
| भाषा प्रकार | संपर्क भाषा | जातिगत भाषा |
| मूल आधार | पाँच परगना क्षेत्र | कुड़मि जाति |
| भाषा परिवार | आर्य | आर्य/द्रविड़ विवाद |
| लिपि | देवनागरी, झाड़ | देवनागरी, Kudman, बांगला, उडि़या, असमिआ, काइथी |
| क्रिया संरचना | लिंग समान | लिंग परिवर्तन |
| बहुवचन | गिला, ला | गिलि, रा |
| सर्वनाम | मएँ, तएँ | हामि, तरा |
| क्षेत्र | पाँच परगना | बहु-राज्यीय |
नामकरण और उत्पत्ति में अंतर
पंचपरगनिया आर कुड़मालि भासा मेंहेन अंतर: पंचपरगनिया भासाक नामकरन आर जनम अनेक जातिगत भासा आर बाहिर ले आल भासाक मिसरन/मिलल ले ह’ए आहे, जेगिला मुल रूपे पाँच परगना (जाहाँ तक केर संसकिरति, रिति-रिबाज, संसकार, गितेक सुर-ताल, लए एमाइन एक आहे) छेतर’ मेंहेन बस’बास करएँला । हुआँइ कुड़मालि भासाक नामकरन आर जनम एकटा खास जाति ‘‘कुड़मि’’ जेटा आजादि ले पहिल आदिबासिक सुचि मेंहेन सुचिबध रहे, केर आधारे ह’ए आहे ।
पंचपरगनिया भासा केर अइन’ परआए नाम – खेरवारी, अहीरी, तमडि़या, दिकुकाजि, सदानी, सदरी, सादरी, गँवारी, टाँइड़बांगला, टाँइड़राजिआ, पयारी, हेंठराजिआ, एमाइन आहे । एकर ढेइर उपभासाउ आहे – राहेआरि, बांड़दिआ, बुंडुआरि, तमडि़आ, ढालभुमिआ, खरसंवइआ, मानभुमिआ एमाइन आर इ उपभासा गिलाक ढेइर रकमेक उपब’लिअ आहे ।
हुआँइ कुड़मालि केर परआए नाम – कुड़माली ठार, कुरमाली, कुर्मालि, महतो भासा, माहताली भासा, किना-मिना भासा, कुड़मालि/कुड़माली, खोरठा, खोट्ठाली एमाइन । इ सउब नाम मइधे ‘कुरमाली’ नाम टाके सरकारी माइनता मिल आहे किंतु हालेक स’ध मेंहेन ‘कुड़मालि’ नाम टाके मुल मानल जातेहे ।
भाषा परिवार और भाषागत आधार
पंचपरगनिया अनेक जातिगत आर बाहिरि भासाक (बिसेस कइर कहन मागधी अपभरंस) मिसरन हेके, अहे तहें इटाके आरज’ (आर्य) भासाक गठे राखल जाएला हुआँइ कुड़मालि/कुरमाली के सरकारी माइनताक आधारे आरज’ गठेक भितरेइ राखल जाए आहे किंतु हालेक स’ध मेंहेन अनेक बिदुआन एके दरबिड़ (द्रविड़) गठेक भासा माइन आहएँ ।
बोलने वालों की संख्या
पंचपरगनिया कह’इआ ल’गेक जनसंइखा बिदुआन केर मत अनुजाइ लगभग 15 लाख ले उपर मानल जाए आहे हुआँइ कुड़मालि भासा कह’इआ ल’गेक संइखा बिदुआन केर अनुजाइ 50-60 लाख ले उपर माइन आहएँ ।
क्षेत्र विस्तार
पंचपरगनिया मुल रूपे पाँच परगना आर एकर बिस्तिरित छेतर’ (जाहाँ तक केर संसकिरति, रिति-रिबाज, ताल, सुर, संसकार एक आहे जेसन – बांगाल केर मानभुम, ढालभुम, पुरूलिया, उडि़सा केर किछु छेतर’, बोकारो, धनबाद, सिंहभुम आर आसाम केर दारांग) मेंहेन कहल जाएला हुआँइ कुड़मालि कह’इआ झारखंड, बांगाल, आसाम, उडि़सा आर बांगलादेस माहनउ आहेन । कहेक मतलब हेके कि जाहाँ-जाहाँ कुड़मि आहएँ हुआँ-हुआँ कुड़मालि कहल जाएला ।
कुड़मालि केर बिदुआन सउब आकिरति चाहे रचनाक आधारे एके असिलिस्ट अंत ज’गात्मक भासाक भितरे राख’एंला किंतु पंचपरगनिया मेंहेन आकिरतिक अनुजाइ मिसरन बिसेसता देखे पाउआएला । काहेकि पंचपरगनिया ढेइर भासाक मिसरन हेके ।
लिपि और लेखन प्रणाली
पंचपरगनिया भासा के देवनागरी, बांगला, काइथी लिपि मेंहेन लिखल जाएला, एकर आपन लिपिक नाम झाड़ लिपि हेके । हुआँइ कुडमालि भासा के देवनागरी, बांगला, उडि़या, असमिआ, काइथी एमाइन लिपि मेंहेन लिखल जाएला, एकर आपन लिपिक नाम कुड़मन आर कुड़मालि चिन्हामुदा हेके ।
ध्वनिगत अंतर
कुड़मालि केर ढेइर सब्द’ किबल सअर केर ज’ग ले ब’इन आहे, एआनि कुड़मालि भासा मेंहेन सअरागम केर परधानता देखाएला । हुआँइ पंचपरगनिया मेंहेन एसन सब्द’ केर संइखा कम आहे जेसन –
| पंचपरगनिया | कुड़मालि |
|---|---|
| आउ | आउ/आउएँ |
| इहे/एहे | एइएँ |
| इ | इ/एंइ |
| उ | उ/अंइ |
| उहे | अंइए |
| इहे | एंइए |
| आछा-आछा | अ-अ |
| एइ | एइ |
विभक्ति और प्रत्यय
पंचपरगनिया बाइक गढ़न मेंहेन बेसि भाभे बिभक्ति केर बेब’हार करल जाएला हुंआइ कुड़मालि मेंहेन बेसि भाभे परत’ए केर बेब’हार करल जाएला । बिभक्ति केर’ बेब’हार ह’एला किंतु परत’ए रकमे सब्दक संग चिपकल रहेला । जेसन –
| पंचपरगनिया | कुड़मालि |
|---|---|
| उ खाएक तेहें गेलक । | अंए लुंड़ेलाए गेल । |
| मएँ कलम ले लिख’ना । | हामि कलमे लिखअहं । |
| बुधनि डांग ले सुटि पाड़’तेहे । | बुधनि डांगे सुटि पाड़अइसाहि । |
| सुमित गाडि़ मेंहेन घर गेलक । | सुमित गाडि़इं घार गेलाक । |
पंचपरगनियाए करता कारक केर कन’ बिभक्ति चिन्हा नि ह’एला हुंआइ कुड़मालि मेंहेन करता कारक मेंहेनउ बिभक्ति देखल जाएला किंतु परत’ए केर रकम सब्द’ टाँए चिपकल रहेला । जेसन –
| पंचपरगनिया | कुड़मालि |
|---|---|
| राम पढ़लक । | रामे पढ़लाक । |
| उ पढ़लक । | अएँ पढ़लाक । |
| बिमल खातेहे । | बिमले खाइसाहे । |
लिंग और क्रिया संरचना
पंचपरगनिया एक बचन आर बहुबचन बाइक रचनाएँ करता चाहे करम’ केर अनुजाइ किरिआ केर लिंग मेंहेन कन’ परिबरतन नि ह’एला । एआनि किरिआ केर रूप दुइअ लिंग मेंहेन एके रकम रहेला । हुआँइ कुडमालि केर एक बचन मेंहेन किरिआ केर सरूप लिंग केर अनुजाइ ह’एला आर बहुबचन बाइक रचना मेंहेन लिंग केर अनुजाइ किरिआ नि बदलेला किंतु करता केर बादे लिंग बाचक परत’ए अनिबारज’ रूपे आएला । जेसन –
| लिंग /बचन | पंचपरगनिया | कुड़मालि |
|---|---|---|
| पु. / ए.ब. | मदन आइ । | मदन आउताक । |
| इ. / ए .ब. | गिता आइ । | गिता आउति । |
| पु. / ब .ब. | बरद गिला चर’तेहेन । | बरद गिला चरअहत । |
| इ. / ब .ब. | गाइ गिला चर’तेहेन । | गाइ गिलि चरअहत । |
पंचपरगनिया मेंहेन छ’टे-छ’टे जिब आर निरजिब चिज बस्तु मेहेन लिंग केर परभाअ नि पड़ेला । किंतु कुड़मालि भासा मेंहेन छुटु-छुटु जिब आर निरजिब बस्तु मेंहनउ लिंग केर परभाअ देखल जाएला । जेसन –
| निरजिब/छुटु जिब | पंचपरगनिया | कुड़मालि |
|---|---|---|
| जलइ | जलइ टा | जेलेइ टि |
| कटअइर | कटअइर टा | कटअइर टि |
| कुलुप | चभिटा/कुलुप टा | कुलुप टि |
| तारेआ | तारेआ टा | तारिआ टि |
पंचपरगनिया जातिबाचक संइगा सब्द’ मेंहेन गिला, ला, आर सउब ज’इड़के एक बचन ले बहुबचन बनाल जाएला हुआँइ कुड़मालि मेंहेन गिला, गिलि, रा (अप्राणीवाचक छोड़ के), लाक, ला आर आदरबाचक संइगाक बाद निखा, निखि, निखिन सब्द’ ज’ड़ल जाएला । जेसन-
पं.प. जातिबाचक संइगा
| एकबचन | बहुबचन |
|---|---|
| बहिन | किताब गिला |
| छुआ | छुआ गिला |
| चेंगना | चेंगना गिला |
| छागेइर | छागेइर ला/गिला |
| कुकुर | कुकुर ला/गिला |
| किताब | सउब बहिन |
कुड़मालि जातिबाचक संइगा सब्द’
| एकबचन | बहुबचन |
|---|---|
| काड़ा | काड़ा गिला |
| गाइ | गाइ गिलि |
| कटअइर | कटअइर गिलि |
| गरू | गरू लाक |
| बरद | बरद ला |
| बा | बा निखा |
| भेइगनि | भेइगनि निखि |
| पथि | पथि गिला |
| राजा | राजा रा |
| साधु | साधु रा |
सर्वनाम प्रणाली
पंचपरगनिया उतम पुरूस मेंहेन मएँ, मइधम पुरूस मेंहेन तएँ आर अइन’ पुरूस मेंहेन इ, उ केर बेब’हार करल जाएला किंतु कुड़मालि मेंहेन उतम पुरूस केर तेहें मएँ/हामि, मइधम पुरूस केर तेहें तएँ/तरा आर अइन’ पुरूस मेंहेन एंइ/एरा, अंइ/अरा केर बेब’हार करल जाएला ।
संख्या प्रणाली
पंचपरगनिया संइखा बाचक बिसेसन कुड़मालि ले अलग आहे । जेसन –
पंचपरगनिया – एक/एग, दु/दुइ, तिन, चाइर, पाँच, छ’, सात ……।
कुड़मालि – अना, दना, टेना, चारा, माचा, झेंग/छइ, गइ…….। किंतु कुड़मालि मेंहेन इ संइखा गिलाक बेब’हार एखन अल्प’ मातराएँ ह’एला ।
पंचपरगनिया करमबाचक संइखा मेंहनउ अंतर देखाएला –
पंचपरगनिया – पहिला, दुसरा, तिसरा….
कुड़मालि – मिर, दउज, तेइज….
पंचपरगनिया और कुड़मालि की समानताएँ
- दुइअ झारखंड केर नामकरा छेतरिअ भासा हेके हालांकि कुड़मालि केर किछु बिदुआन एके दरबिड़ चाहे अगनेए कुल केर भासा मानंएला।
- दुइअ भासा मेंहेन ल’कगित आर ल’कसंसकिरति भरल-पुरल आहे।
- बरत’माने दुइअ भासा केर पढ़ाइ झारखंडे देवनागरी लिपि लेइ ह’तेहे।
- पांच परगना मेंहेन दुइअ भासा के कहल जाएला।
सारांश
इ रकम पंचपरगनिया कुड़मालि दुइअ भासा केर आपन निजेक – निजेक आलेदा – आलेदा चिन्हाप आहे । एसे त’ ल’ग केर धारना आहे कि पंचपरगनिया कुड़मालि एके रकमेक भासा हेके किंतु भासागत, धउनिगत, आकिरतिगत आर बेआकर’निक दांइजे देखले इ दुइअ भासा मेंहेन ढेइर रकमेक अंतर देखाएला । इ दुइअ भासाक एखन आपन रचित लिखित साहित आपन जरूरत केर अनुजाइ भरल-पुरल आहे आर बरत’मान मेंहेन दुइअ भासाएँ ढेइर रकमेक स’ध ह’ए रइ आहे । जेकर तेहें इ भासा गिला दिन के दिन समरिध ह’ते जातेहे ।
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